चित्रकूट के ऐतिहासिक मेले को लेकर यूपी एमपी प्रशासन द्वारा किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पांच दिनों तक चित्रकूट में चलेगा दीपदान मेला
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में दीपावली का विशेष महत्व है।मान्यता है लंका पर विजय हासिल करने के बाद प्रभु श्री राम ने चित्रकूट में आकर दीपदान किया था। त्रेता युग से चित्रकूट में शुरू हुई दीपदान की परंपरा आज भी जारी है। प्रतिवर्ष पांच दिनों तक चलने वाले दीपावली मेले में देश भर से 50 लाख से अधिक श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचकर देव गंगा मंदाकिनी और कामदगिरि पर्वत में दीपदान कर भगवान श्री कामतानाथ से जीवन में सुख समृद्धि की कामना करते हैं। मेले को लेकर उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश प्रशासन द्वारा मेला परिक्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
विश्व प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ के रूप में विख्यात चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोभूमि रही है। वनवास काल का सर्वाधिक साढ़े 11 वर्ष का समय प्रभु श्रीराम ने चित्रकूट के कामदगिरि पर्वत कर व्यतीत किया था। इसी पावन धरा पर ही प्रभु श्रीराम ने पृथ्वी को निश्चार हीन करने का प्रण लिया था। कामदगिरि प्रमुख द्वार मंदिर के महंत डॉ मदन गोपाल दास महाराज, दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवन दास महाराज और कमाता नाथ मंदिर चित्रकूट के प्रधान पुजारी भरत शरण दास महाराज ने बताया कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद अयोध्या जाते समय प्रभु श्री राम का पुष्पक विमान कुछ समय के लिए चित्रकूट में रुका था। इस दौरान साधु संतों और कोल भीलों ने असंख्य दीप जलाकर प्रभु श्रीराम,अनुज लखन और माता जानकी का स्वागत किया था।
उन्होंने बताया कि चित्रकूट से ही देश दुनिया में दीपावली की शुरुआत हुई थी। त्रेतायुग से चित्रकूट में शुरू हुई दीपदान की परंपरा आज भी जारी है। प्रति वर्ष धन तेरस से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु चित्रकूट पहुंच देव गंगा मंदाकिनी और कामदगिरि पर्वत पर दीपदान कर मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कामतानाथ सरकार के दर्शन पूजन करते हैं। यूपी और एमपी प्रशासन द्वारा पूरे मेला परिक्षेत्र को 8 जोन और 18 सेक्टर में बांट कर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
डीएम शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ रामघाट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आ रहे हैं। मेला क्षेत्र में लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा कई मोबाइल वाहनों की तैनाती, खोया पाया केंद्र और कन्ट्रोल स्थापित किया जा रहा है. मेला क्षेत्र में साफ सफाई, बिजली, पानी, के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रामघाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए 30 चेंजिग रूम बनाए गए हैं।
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए चौराहों को सजाया गया है. पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह रुकने ठहरने के लिए कैंप व रैन बसेरे बनाए गए हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी उमेश चंद्र निगम और आसओ अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट सत्य पाल सिंह भी नगर पालिका चित्रकूट के ईओ लालजी यादव के साथ व्यवस्था को चौकस रखने में जुट हुए हैं। देश भर से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु चित्रकूट पहुंच कर देव गंगा मंदाकिनी और कामदगिरि में दीपदान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें : संतों ने कहा- योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा को किया पुनर्जीवित, त्रेता युग फिर लौटा
